डिस्क्लेमर (Disclaimer)
ही माहिती केंद्र सरकार, NCTE व सर्वोच्च न्यायालयाच्या उपलब्ध आदेश/निर्णयांवर आधारित असून, ती सामान्य माहितीच्या उद्देशाने दिली आहे.राज्य शासनाचे नियम, सेवा अटी, विभागीय परिपत्रके किंवा स्थानिक आदेश यांनुसार काही बाबींमध्ये बदल असू शकतो.त्यामुळे कोणताही अंतिम निर्णय घेण्यापूर्वी संबंधित शिक्षण विभाग / सक्षम प्राधिकरण / अधिकृत शासन निर्णय तपासणे आवश्यक आहे.या माहितीच्या आधारे घेतलेल्या निर्णयाची जबाबदारी ही पूर्णतः वाचकाची राहील.अगोदर हिंदी भाषेतील अधिकृत pdf मधील मजकूर वाचा मग शेवटी मराठी भाषेत स्पष्टीकरण वाचा
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भारत सरकारशिक्षा मंत्रालय
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के दिशानिर्देश
1606. श्री लालजी वर्मा:
क्या शिक्षा मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:
(क) क्या यह सच है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशानिर्देशों के अनुसार वर्ष 2011 से पहले नियुक्त कई शिक्षक अभी भी देश में शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबंधित अनिश्चितता और प्रशासनिक बाधाओं का सामना कर रहे हैं और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है;
(ख) क्या सरकार इस बात से अवगत है कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू नियमों और प्रक्रियाओं के तहत की गई थी जब देश में टीईटी अनिवार्य नहीं था और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है;
(ग) क्या सरकार का वर्ष 2011 से पहले विधिवत नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी से पूरी तरह छूट देने के लिए एक स्पष्ट समान राष्ट्रीय नीति जारी करने का विचार है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके साथ कोई अन्याय न हो और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है;
(घ) क्या सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि टीईटी के अभाव में वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की सेवाओं, पदोन्नति और अन्य अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े तथा यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है; और
(ङ) यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?
(क) से (ङ): निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 की धारा 23 की उप-धारा (1) के प्रावधानों के अनुसरण में, राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने दिनांक 23 अगस्त, 2010 की राजपत्र अधिसूचना द्वारा, कक्षा I से VIII तक के शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होने के लिए न्यूनतम योग्यताएं निर्धारित की हैं। अधिसूचना के अनुसार, शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना आवश्यक योग्यताओं में से एक है।
भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक 01.09.2025 के अपने निर्णय द्वारा बताया है कि अधिनियम की धारा 23 के तहत टीईटी निर्धारित न्यूनतम योग्यताओं में से एक है और अधिनियम के तहत आने वाले स्कूलों में शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए यह अनिवार्य है।
आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले भर्ती किए गए सेवारत शिक्षकों के संबंध में, माननीय न्यायालय ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए व्यवस्था दी है कि जिन शिक्षकों की सेवा पांच वर्ष से अधिक बची है, वे सेवा में बने रहने के लिए निर्णय की तारीख से दो वर्ष की अवधि के भीतर टीईटी उत्तीर्ण कर सकते हैं। जिन शिक्षकों की सेवा निर्णय की तारीख तक पांच वर्ष से कम बची है, उन्हें टीईटी पास किए बिना सेवावृत्ति की आयु तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी गई है; तथापि, ऐसे शिक्षक तब तक पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होंगे जब तक वे टीईटी पास नहीं कर लेते।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि आरटीई अधिनियम के तहत सांविधिक ढांचे के अनुसरण में, शिक्षक के तौर पर नियुक्ति पाने की इच्छुक सभी लोगों के लिए, साथ ही पदोन्नति के माध्यम से नियुक्ति की इच्छा रखने वाले सेवारत शिक्षकों के लिए भी योग्यता अनिवार्य है।
विषय काय आहे?
2011 पूर्वी नियुक्त झालेल्या शिक्षकांवर TET (Teacher Eligibility Test) लागू होतो का?
तसेच त्यांच्या सेवेला किंवा पदोन्नतीला काही अडचण येणार आहे का?
याबाबतचे अधिकृत व स्पष्ट स्पष्टीकरण खाली दिले आहे.
TET कधीपासून अनिवार्य आहे?
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RTE Act 2009 नुसार
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23 ऑगस्ट 2010 रोजी अधिसूचना जारी करण्यात आली
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इयत्ता 1 ते 8 साठी शिक्षक म्हणून नियुक्त होण्यासाठी TET अनिवार्य करण्यात आली
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हे नियम राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षण परिषद (NCTE) यांनी निश्चित केले
👉 त्यामुळे 23 ऑगस्ट 2010 ही मुख्य कट-ऑफ तारीख आहे.
सर्वोच्च न्यायालयाने काय ठरवले?
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भारताच्या सर्वोच्च न्यायालयाने 01 सप्टेंबर 2025 रोजी निर्णय दिला
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या निर्णयात स्पष्ट करण्यात आले की:
✔️ TET ही किमान पात्रता आहे
✔️ नवीन नियुक्तीसाठी TET आवश्यक आहे
✔️ पदोन्नतीसाठी देखील TET अनिवार्य आहे
23 ऑगस्ट 2010 नंतर नियुक्त झालेले शिक्षक
👉 24 ऑगस्ट 2010 पासून नियुक्त झालेले सर्व शिक्षक
✔️ TET / CTET अनिवार्य आहे
✔️ ही अट सेवेसाठी तसेच पदोन्नतीसाठी लागू आहे
❌ TET नसल्यास पदोन्नती मिळणार नाही
23 ऑगस्ट 2010 पूर्वी नियुक्त झालेल्या शिक्षकांबाबत निर्णय
सर्वोच्च न्यायालयाने सेवेत असलेल्या शिक्षकांसाठी सेवा कालावधीनुसार वेगवेगळे नियम ठरवले आहेत:
🔹 ज्यांची सेवा 5 वर्षांपेक्षा जास्त शिल्लक आहे
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न्यायालयाच्या निर्णयाच्या तारखेपासून 2 वर्षांची मुदत देण्यात आली आहे
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या कालावधीत TET उत्तीर्ण होणे बंधनकारक आहे
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TET उत्तीर्ण न झाल्यास पुढील लाभ व पदोन्नती मिळणार नाही
🔹 ज्यांची सेवा 5 वर्षांपेक्षा कमी शिल्लक आहे
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TET न देता निवृत्तीपर्यंत सेवा सुरू ठेवता येईल
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मात्र,
❌ TET शिवाय पदोन्नती दिली जाणार नाही
सरकारची भूमिका
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2011 पूर्वी नियुक्त शिक्षकांवर थेट अन्याय होऊ नये
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मात्र शिक्षणाच्या गुणवत्तेसाठी TET ही किमान पात्रता आवश्यक
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म्हणून सेवा संरक्षण दिले आहे, पण पात्रतेची अट कायम ठेवली आहे
अंतिम निष्कर्ष (एकदम स्पष्ट)
✔️ 23 ऑगस्ट 2010 ही अंतिम कट-ऑफ तारीख
✔️ 24 ऑगस्ट 2010 नंतर नियुक्त → TET / CTET अनिवार्य
✔️ 2011 पूर्वीची नियुक्ती बेकायदेशीर नाही
✔️ सेवा कालावधीनुसार TET संदर्भात वेगवेगळे नियम लागू
❌ TET शिवाय पदोन्नती नाही
“TET नोकरी व पदोन्नतीसाठी अंतिम मुदत : 01 सप्टेंबर 2027”
नियमाप्रमाणे स्पष्टपणे जोडून दिले आहे. 📌 ही तारीख सर्वोच्च न्यायालयाचा निर्णय 01-09-2025 + 2 वर्षांची सवलत यानुसार लागू होते (ज्यांची सेवा 5 वर्षांपेक्षा जास्त शिल्लक आहे त्यांच्यासाठी). | ||||||
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2011 पूर्वी व नंतर नियुक्त शिक्षक – TET नियम (सोपी मांडणी)1️⃣ नियुक्ती : 15 जून 2002
2️⃣ नियुक्ती : 20 सप्टेंबर 2006
3️⃣ नियुक्ती : 15 जुलै 2009
4️⃣ नियुक्ती : 23 ऑगस्ट 2010 (कट-ऑफ दिवस)
5️⃣ नियुक्ती : 01 जुलै 2004
6️⃣ नियुक्ती : 10 मे 2008
7️⃣ नियुक्ती : 24 ऑगस्ट 2010
8️⃣ नियुक्ती : 24 ऑक्टोबर 2010
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